श्रेणी: कविता

भोजपुरी गजल

– मनोज भावुक (१) सर से हाथ हटा के देखीं , हाथ-पैर चला के देखीं, कुछ ना कुछ रस्ता निकली,बुद्धि के दउरा के देखीं पहिले त उठ्ठीं-जागीं, फिर आलस के कंबल फेकीं मन जरूर फरहर होई, दाढ़ी बाल बनवा के देखीं दूध के धोवल केहू नइखे ,सब...

Read More

राष्‍ट्रीय भोजपुरी कवि सम्‍मेलन में ‏ देवकांत पांडेय के कविता पाठ

(१) आजादी के जश्‍न मनउला के दिन बाटे आज गली गली झंडा फहरउला के दिन बाटे आज जे सीना पर गोली खा के आजादी ले आइल ओ बीरन के गाथा गउला के दिन बाटे आज । ­­ सत्‍तावन में गदर भइल उ घाही मन के पीर रहल जंजीर गुलामी के तोड़ला के उ पहिला...

Read More

देवी गीत

– ओमप्रकाश अमृतांशु रुनु-झुनू, झुनू-झुनू झुनके पैजनिया. खनके कंगना . मोरी देवी अइली डुमरी के फुल हो, झुलुअवा लगावऽ अंगनवा ना. शुभ नवरात शुभे-शुभे घरी आइल, चंपा-चमेली फुल केदली फुलाइल, दवाना-मडुआव़ा के संघे खिलखिलाइल ओढउलवा...

Read More

Recent Posts

अंजोरिया पर खोजीं -

आपन टिप्पणी, लेख, कहानी, कविता, विचार भेजे खातिर -

anjoria@rediffmail.com

अगर राउर रचना पहिला बेर आ रहल बा त आपन एगो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ में जरूर डाल दीं.

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..