भोजपुरी गजल
– मनोज भावुक (१) सर से हाथ हटा के देखीं , हाथ-पैर चला के देखीं, कुछ ना कुछ रस्ता निकली,बुद्धि के दउरा के देखीं पहिले त उठ्ठीं-जागीं, फिर आलस के कंबल फेकीं मन जरूर फरहर होई, दाढ़ी बाल बनवा के देखीं दूध के धोवल केहू नइखे ,सब...
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Read More(१) आजादी के जश्न मनउला के दिन बाटे आज गली गली झंडा फहरउला के दिन बाटे आज जे सीना पर गोली खा के आजादी ले आइल ओ बीरन के गाथा गउला के दिन बाटे आज । सत्तावन में गदर भइल उ घाही मन के पीर रहल जंजीर गुलामी के तोड़ला के उ पहिला...
Read More– ओमप्रकाश अमृतांशु 10 अगस्त 2013 सांझ 5 बजे से श्रीराम भारतीय कला केन्द्र दिल्ली में कविता...
Read More– अनुप पाण्डेय आग लागो बेरहा परो अइसन विकास में गांव अबो खड़ा बा पहिलका इतिहास में भूख खा के...
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