नाता रिश्ता
– संतोष कुमार कलजुग के करिखा में कुल्ही करिया गइल बा जात-पात के बीच खेत अरिया धरिया गइल बा...
Read More– संतोष कुमार कलजुग के करिखा में कुल्ही करिया गइल बा जात-पात के बीच खेत अरिया धरिया गइल बा...
Read More– संतोष कुमार अक्कितम अच्युतन नम्बूदिरी के मलयालम रचना (पुल्ककोदि) “फतिंगा” के अंगरेजी अनुवाद के भोजपुरी उल्था : आगि में कूदि के मरे खातिर भा आगिये खाए के लालसा में आगि भीरी जुटान कइ के दउडल जा रहल बाड़ें छोटहन...
Read More– मनोज भावुक जिनगी भूलभुलइया हम हेरा जातानी. गलती उनकर बाटे हम घेरा जातानी. उ सरवा निर्लज्ज ह हम डेरा जातानी. ताकत होइहें पत्नी हम डेरा जातानी. हम कोल्हू के गन्ना हम पेरा जातानी. क्रोघ अम्ल हs ‘भावुक’ हम सेरा...
Read More– मनोज भावुक (१) सर से हाथ हटा के देखीं , हाथ-पैर चला के देखीं, कुछ ना कुछ रस्ता निकली,बुद्धि के दउरा के देखीं पहिले त उठ्ठीं-जागीं, फिर आलस के कंबल फेकीं मन जरूर फरहर होई, दाढ़ी बाल बनवा के देखीं दूध के धोवल केहू नइखे ,सब...
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