Category: सतमेझरा

भइल बियाह मोर अब करब का ?

– जयंती पांडेय बड़ा ढेर दिन के बाद रमचेलवा फेरू लउकल. रमचेलवा के संगे-संगे दो-चार जाना अउर रहलें. बुझाइल कि रमचेलवा ए घरी नेतागीरी करे लागल बा. बाकी अपना गुरु लस्टमानंद के देख के रमचेलवा मानो गोड़े पर ढह पड़ल. सांच कहीं तऽ...

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भउजी हो : तीन गो चोर आ ओकनी के सजा

भउजी हो ! का बबुआ ? बहुत दिन बाद अइनी, जमानत मिल गइल का ? ना भउजी. तूलोग जवना जेहल में डलले बाड़ू ओहिजा से मुअला का दिन ले जमानत नइखे मिले वाला. हँ बीच बीच में पेरोल पर छूटत रहीलें. तबो भउजी का लगे आवे में अतना दिन लाग जाला ! अब...

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कहवाँ जातिया भोजपुरी भाषा

– जयंती पांडेय भोजपुरी सिनेमा बनावे वाले लोगन पर भोजपुरी के बिगाड़े के इलजाम बड़ा तगड़े लागेला. सचहूं भोजपुरिया सिनेमा में पता ना कहवां- कहवां के ड्रेस पहिना दिहल जाला अउर गजबे भाषा में कलाकार बतियावेला लोग. भोजपुरी के...

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करप्शन के हाल्ला काहे

– जयंती पांडेय आज करप्शन के नांव पर बड़ा हल्ला बा. ई हल्ला उहे लोग हो-हल्ला मचा रहल बा, जेकरा करप्ट होखे के मौका ना मिलल. जसहीं मौका मिली, ऊ आपन ओठ सी लिहें. ई रीति जमाना से स चलि आ रहल बिया. लोग भ्रष्टाचार के विरोध करत...

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चार गो भतार ले के लड़े 'सतभतरी'

– अशोक मिश्र काल्हु भिनुसहरे मुसद्दीलाल गली में खुलल पंसारी के दुकान का सोझा भेंटा गइलन. जाड़ो में ऊ पसीना-पसीना होखत रहले, उनुकर हालत देखि के हमरा ताज्जुब भइल. हम पूछनी, ‘अमां मियां! कवनो मैराथन दौड़ में शामिल हो के...

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