घर सुधरी त जग सुधरी
विजय मिश्र ओह दिन बाँसडीह जाए के रहल। मोटर साइकिल निकाल के स्टार्ट कइनी त पेट्रोल कम बुझाइल। कुछे...
Read Moreविजय मिश्र ओह दिन बाँसडीह जाए के रहल। मोटर साइकिल निकाल के स्टार्ट कइनी त पेट्रोल कम बुझाइल। कुछे...
Read Moreएकरा पहिले कि रउरा आगे पढीं साफ क दीहल जरुरी बा कि ई उलटबाँसि ह, एकरा के सीरियसली लिहला के जरुरत...
Read Moreआजु ढेर दिन बाद अपना भोजपुरी अन्तरताना अँजोरिया पर आवे के मौका मिलल त कुछ खुशी मिलल. बाकिर साथही...
Read MorePosted by Editor | Jul 2, 2019 | भोजपुरिया लाल, सतमेझरा |
डॉ अशोक द्विवेदी ‘कबीर कूता राम का/मुतिया मेरा नाउँ। गले राम की जेंवड़ी/जित खैंचे, तित...
Read Moreगंगा प्रसाद ‘अरुण’ जा हो निझाइल जवानी! एह भरल बसंत के भोरहरिया में इयादो आवे के रहले त...
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