भोजपुरी संगम के 144 वीं ‘बइठकी’
‘भोजपुरी संगम’ के 144 वीं ‘बइठकी’ भइल त रहे कुछ दिन पहिले आ समय पर खबर...
Read More“भोजपुरी में ऊ ताकत बा कि खाली रचना के बल पर एके स्थापित कइल जा सकत बा. दुनिया के अठारह देसन...
Read More‘भोजपुरी संगम’ के 134 वीं ‘बइठकी’ संस्थापक सदस्य स्वर्गीय सत्यनारायण मिश्र...
Read Moreबीतल 10 जुलाई 2016, अतवार का दिने गोरखपुर के भोजपुरी लिखनिहारन के संस्था ‘भोजपुरी संगम’ के 77वीं ‘बइठकी’ संस्था के संस्थापक रहल स्व. सत्तन जी के मकान पर, खरइया पोखरा, बसारतपुर (मेडिकल रोड पर), गोरखपुर में...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 24, 2015 | भोजपुरिया लाल, सरोकार |
– देवेन्द्र आर्य जाए के उमिरो ना रहल आ अइसन कवनो जल्दबाजिओ ना रहुवे. निकहा नीमन चलत गोष्ठी के परवान चढ़ा, ईद के मुबारकबाद देत आखिरी सलाम क लिहलन. ना दोस्तन के कुछ करे के मौका दिहलन ना घरवालन के. दिल के दर्द के गैस समुझत रह...
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