दू गो डाक्टरी कविता
– डा. कमल किशोर सिंह हम रटीला रोजे ‘हिपोक्रेटिस’ हृदय में, धरि ‘धनवंतरी’ ध्यान, हम रटी ला रोजे रोगान शेषान, रोगान शेषान. छछनावे, तडपावे, फेर दुहि लेला प्राण, बचल ना केहू – चाहे बच्चा, बुढ़,...
Read More– डा. कमल किशोर सिंह हम रटीला रोजे ‘हिपोक्रेटिस’ हृदय में, धरि ‘धनवंतरी’ ध्यान, हम रटी ला रोजे रोगान शेषान, रोगान शेषान. छछनावे, तडपावे, फेर दुहि लेला प्राण, बचल ना केहू – चाहे बच्चा, बुढ़,...
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..