निर्गुण आ भजन – गोपाल दूबे Posted by Editor | जुलाई 13, 2021 | कविता | निर्गुण – देह दुनिया भरम ह बलवान करम गति,भीतरी के सांच भीतरीये पहचान ले,बुद्धि कुबुद्धि के... Read More
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