पेंचर पहुना
– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” कल्हिए रमेसर काका एगो टाली के परची दे गइल रहुअन. ऊँखी छिलवावे के रहुए ए से आजु सबेरवें ऊँखी छिलवावे खातिर पूरा गाँव की लोग के चला के हमहुँ ऊँखियारी में चलि गउँवीं. रउआँ सभें त जानते बानी की...
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