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सभ्य समाज के समर्पण के भाषा ह भोजपुरी

– ओमप्रकाश अमृतांशु जेकर आत्मा संगीत के रस के सराबोर होखेला उ मनुष्य भगवान के अतिप्रिय होखेला. एही से संगीत में शुद्वता आ शास्त्रीयता के महत्व होखेला. स्वर के उपासना, रियाज, से नाद ब्रह्म के आराधना क के अंतर्मन में गहराई...

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फूहड़पन से तौबा कइलन पवन सिंह

कवनो ना कवनो बात ले के हमेशा चरचा में बनल रहे वाला पवन सिंह में लागऽता कि बहुते बदलाव आ गइल बा. तबहिए नू उ डबल मीनिंग गाना आ सवांद से तौबा क लेले बाड़न. एह बात ला उ निर्माता-निर्देशकन के चेताइओ देले बाड़न. साफ क दिहले बाड़न कि...

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