बेमानी आ बेईमानी के बात (बतकुच्चन – 181)
ए सूरदास, घीव पड़ल? कड़कड़ाव तब नू जानी. कारण आ परिणाम के एह उदाहरण में परिणाम से पता चलत बा कारण का बारे में. सूरदास खातिर परिणामे प्रमाण बा कि कारण मौजूद हो गइल. हालांकि केहू के हवा से अगर कवनो गोल के लगातार जीत मिलल जात होखे...
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