भोजपुरी संगम के 75वीं बइठकी
“आजु सत्तन जी हम्मन के बीच नइखीं, आ अपने उहाँ के 75 ले नाइ पंहुचि पवलीं, बाकिर आजु उनके लगावल पेड़ फरत-फुलात बा. आजु हीरक जयन्ती ले पंहुचि गइल बा.” – ई बात गोरखपुर के “भोजपुरी संगम” के 75वीं बइठक के...
Read More“आजु सत्तन जी हम्मन के बीच नइखीं, आ अपने उहाँ के 75 ले नाइ पंहुचि पवलीं, बाकिर आजु उनके लगावल पेड़ फरत-फुलात बा. आजु हीरक जयन्ती ले पंहुचि गइल बा.” – ई बात गोरखपुर के “भोजपुरी संगम” के 75वीं बइठक के...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 24, 2015 | भोजपुरिया लाल, सरोकार |
– देवेन्द्र आर्य जाए के उमिरो ना रहल आ अइसन कवनो जल्दबाजिओ ना रहुवे. निकहा नीमन चलत गोष्ठी के परवान चढ़ा, ईद के मुबारकबाद देत आखिरी सलाम क लिहलन. ना दोस्तन के कुछ करे के मौका दिहलन ना घरवालन के. दिल के दर्द के गैस समुझत रह...
Read Moreअंगरेजन का समय में त भोजपुरी के सम्मान मिलत लउकल बाकिर आजादी के बाद से एकर दसा ढंङ से गड़बड़ाइल ह. गोरखपुर में भोजपुरी संगम के इकतिसवीं बइठकी के अध्यक्षता करत ई बाति डा॰ आद्या प्रसाद द्विवेदी जी कहलीं. उहाँ के एगो उदाहरन देत...
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