Tag: भोजपुरी

बड़का के ? मौत, की रुपइया ?

– आशुतोष कुमार सिंह आदमी के सुभाव बुझल बहुते कठिन बा. एकरा के जेतना गहराई से बुझे के प्रयास करीले, ओही अनुपात में अउरी अनबुझाह होत चलि जाले. बाकिर पिछला (30 सितम्बर 2010) के आंखि का सोझा एगो अइसन घटना घटल कि एह मानवीय...

Read More

गीत नया हम गाईं कइसे ?

घात मीत के, बात प्रीत के, खेल कहानी हार जीत के, सबका के बतलाईं कइसे? गीत नया हम गाईं कइसे? दोसरा के का बाति चलाईं अनकर के का दोष देखाईं अपने हार सुनाईं कइसे ? गीत नया हम गाईं कइसे ? अपने चिन्ता, अपने फिकिरे कोल्हू के सभ बैल बनल...

Read More

भोजपुरी के तहस नहस

– आर्य संपूर्णानन्द भोजपुरी के भोजवाली पूरी समुझल केतना नादानी के काम बा, ई खाली पढ़े आ सुने वाली बाति नइखे. बहुते विचार मंथन के बाति बा. आज के माहौल के बाति अगर करीं त ठीक उहे नादानी हमरा भोजपुरिया भाई लोग आज करत बाड़े जा....

Read More

नरक के समर्थन में नेताजी के नारा

– जयंती पांडेय सड़क दुर्घटना में एगो वरिष्ठ नेता के मृत्यु हो गइल. उनकर देह तऽ खैर देश के अमानत रहे, से चारू ओर शोक मनावल जात रहे लेकिन नेताजी के आत्मा के देवदूत लोग स्वर्ग के दुआर पर ले आई के खड़ा कऽ दिहल लोग. दुअरा पर...

Read More

देवी गीत

– रामरक्षा मिश्र विमल तहरा दरश के जुटी कब सुजनिया, देवी हो मइया ना बानी तहरे शरनिया, देवी हो मइया ना. लछिमी के रूप बरिसावेला धनवा दुखियो के खूब अगरावेला मनवा हमनी के दुख के मिटी कब कहनिया, देवी हो मइया ना खुशहाल जिंदगनिया,...

Read More

Recent Posts