Tag: भोजपुरी

लालच के मकड़जाल

– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...

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भोजपुरीओ साहित्यकार लोग अब ‘भारतीय साहित्य निर्माता’ का पाँत में

भोजपुरी अबहीं संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल होखे खातिर संघर्ष करत बिया. जबकि भारत के साहित्य अकादमी भारतीय साहित्य निर्माता का रूप में भिखारी ठाकुर आ धरीछन मिश्र का बाद अब भोजपुरी के नामी गिरामी कवि मोती बीए पर एगो किताब...

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सरकार बा तऽ विवादो बा

– जयंती पांडेय मोदी जी जापान गइले. उहां जा के जान जा रामचेला तासा बजवले. कतहत बड़हन काम कइले. लेकिन आहु पर विवाद हो गइल. कई गो प्रगतिशील भाई लोग पेट बिगड़ गइल. अतने ना मोदी जी खदे जापान में कहले कि राजा और प्रधानमंत्री के...

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कब ले हम राउर गाल बजाएब?

भोजपुरिका अबले ओही राह पर चलत आइल जवन अँजोरिया देखवले रहुवे. भोजपुरी के बढ़ावा देबे का मकसद से एहिजा हर प्रचार सामग्री के प्रकाशित कर देबे के परंपरा रहुवे. कई बेर एह जानकारी का बावजूद कि फिलिम पिटा गइल बिया ओकर प्रचार सामग्री...

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गरीबी के नया रेखा – टमाटर रेखा

– जयंती पांडेय रामचेला बजार से अइले आ टमाटर के भाव बाबा लस्टमानंद के बता के ओहिजे थहरा के बइठ गइले. बाबा उनकर हाल देखि के लगले चिलाये. लोग आ गइल. सब लोग हरान कि का भइल बेचारा रामचेला के. बाबा अतने बतावस कि टमाटर के भाव बता...

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