लालच के मकड़जाल
– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...
Read More– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...
Read MorePosted by Editor | Sep 18, 2014 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
भोजपुरी अबहीं संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल होखे खातिर संघर्ष करत बिया. जबकि भारत के साहित्य अकादमी भारतीय साहित्य निर्माता का रूप में भिखारी ठाकुर आ धरीछन मिश्र का बाद अब भोजपुरी के नामी गिरामी कवि मोती बीए पर एगो किताब...
Read More– जयंती पांडेय मोदी जी जापान गइले. उहां जा के जान जा रामचेला तासा बजवले. कतहत बड़हन काम कइले. लेकिन आहु पर विवाद हो गइल. कई गो प्रगतिशील भाई लोग पेट बिगड़ गइल. अतने ना मोदी जी खदे जापान में कहले कि राजा और प्रधानमंत्री के...
Read Moreभोजपुरिका अबले ओही राह पर चलत आइल जवन अँजोरिया देखवले रहुवे. भोजपुरी के बढ़ावा देबे का मकसद से एहिजा हर प्रचार सामग्री के प्रकाशित कर देबे के परंपरा रहुवे. कई बेर एह जानकारी का बावजूद कि फिलिम पिटा गइल बिया ओकर प्रचार सामग्री...
Read More– जयंती पांडेय रामचेला बजार से अइले आ टमाटर के भाव बाबा लस्टमानंद के बता के ओहिजे थहरा के बइठ गइले. बाबा उनकर हाल देखि के लगले चिलाये. लोग आ गइल. सब लोग हरान कि का भइल बेचारा रामचेला के. बाबा अतने बतावस कि टमाटर के भाव बता...
Read More