Tag: भोजपुरी

अभागा

– इं॰ राजेश्वर सिंह जब केहू के कवनो मसला समझ में ना आवेला त अपने से अधिक ज्ञानी मनई से शंका समाधान करे चलि जाला अउर समस्या के बारे में पूछि-ताछि के जानकारी कइ लेला. लक्ष्मण जइसन मनइ के अभागा लोगन के पहिचान कइले में शंका...

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नीमिया रे करूवाइन

– डा॰ जनार्दन राय नीनि आइल निमन हऽ. जेकरा आँखि से इहाँ का हटि जाइला ओकर खाइल-पियल, उठल-बइठल, चलल-फिरल, मउज-मस्ती, हँसी-मजाक कुल्हि बिला जाला. अइसन जनाला कि किछु हेरा गइल बा, ओके खोजे में अदिमी रात-दिन एके कइले रहेला. निकहा...

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भोजपुरी लिखे पढ़े के कठिनाई आ काट

डा॰ प्रकाश उदय भाषा-विज्ञान में जवना के भाषा कहल जाला, तवना में, जवन कहे के होला, जतना आ जइसे, तवन कहा पाइत ततना आ तइसे, त केहू के ‘आने कि’ ‘माने कि’, ‘बूझि जा जे’ भा ‘जानि जाईं...

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कुछु समसामयिक दोहा

– मुफलिस देइ दोहाई देश के, लेके हरि के नाम. बनि सदस्य सरकार के, लोग कमाता दाम.. लूटे में सब तेज बा, कहां देश के ज्ञान. नारा लागत बा इहे, भारत देश महान.. दीन हीन दोषी बनी, समरथ के ना दोष. सजा मिली कमजोर के, बलशाली निर्दोष.....

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भोजपुरीः एगो परिचय

– डा. राजेन्द्र भारती ‘भाषा भोजपुरी परिभाषा से पूरी ह बोले से पहिले एके जानल जरुरी ह न गवना पूरी ना सुहागन के चूड़ी ह साँचि मान त दुश्मन के गरदन पर चले वाली छूरी ह कहत धुरान बुरा मति माने केहू सभ भाषा के उपर हमार भाषा...

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