Tag: भोजपुरी

फागुन के तीन गो गीत

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल एक लागेला रस में बोथाइल परनवा ढरकावे घइली पिरितिया के फाग रे ! धरती लुटावेली अँजुरी से सोनवा बरिसावे अमिरित गगनवा से चनवा इठलाले पाके जवानी अँजोरिया गावेला पात पात प्रीत के बिहाग रे. पियरी पहिरि...

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अब कवना कवना बात खातिर मुँह लुकावल जाव

– जयंती पांडेय शरम कहीं चाहे लाज, इहो कतना तरहि के होला. अबही हालही के बाति ह कि अमरीका गोंड़ के बेटी दरोगा राय के बेटा संगे भाग गइल. अब अमरीका गोंड़ कइसे लाजे मुंह देखइहें. अइसहीं राष्ट्रीय शर्मो तरह- तरह के होला. बाबरी...

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भइल बियाह मोर अब करब का ?

– जयंती पांडेय बड़ा ढेर दिन के बाद रमचेलवा फेरू लउकल. रमचेलवा के संगे-संगे दो-चार जाना अउर रहलें. बुझाइल कि रमचेलवा ए घरी नेतागीरी करे लागल बा. बाकी अपना गुरु लस्टमानंद के देख के रमचेलवा मानो गोड़े पर ढह पड़ल. सांच कहीं तऽ...

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मुंबई में आयोजित भइल भोजपुरी के एगो खास काव्य संध्या

पिछला दिने पहली फरवरी के मुंबई में भोजपुरी के एगो खास काव्य संध्या के आयोजन भइल. खास एह माने में कि मराठी भाषी प्रबुद्ध लोग के मानस के मर्म छू लिहलसि भोजपुरी कविता. आयोजन करवले रहल सामाजिक सांस्कृतिक संस्था “सेतु” आ...

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कहवाँ जातिया भोजपुरी भाषा

– जयंती पांडेय भोजपुरी सिनेमा बनावे वाले लोगन पर भोजपुरी के बिगाड़े के इलजाम बड़ा तगड़े लागेला. सचहूं भोजपुरिया सिनेमा में पता ना कहवां- कहवां के ड्रेस पहिना दिहल जाला अउर गजबे भाषा में कलाकार बतियावेला लोग. भोजपुरी के...

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