शशी प्रेमदेव के दुगो गजल Posted by Editor | जून 23, 2023 | कविता, साहित्य | -शशी प्रेमदेव (एक) खूब गतरे-गतर फरी केहू ठूँठ-जस देखि के जरी केहू रो रहल बा सिवान में कुक्कुर फेरु... Read More
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