ढुका लाग के तिकवले रहीं
Keep aiming while remaining hidden. साँच कहीं त एकर जरुरत ना होखे के चाहीं कि भोजपुरी में लिखल...
Read MorePosted by Editor | Oct 7, 2023 | भाषा, शेयर-व्यापार, समाचार |
Keep aiming while remaining hidden. साँच कहीं त एकर जरुरत ना होखे के चाहीं कि भोजपुरी में लिखल...
Read MorePosted by Editor | Aug 29, 2023 | शेयर-व्यापार |
महुआ बीनत लछमिनिया के देखनी, हर जोतत महिपाल. टिकठी चढ़ल अमर के देखनी, सबले नीमन ठठपाल. अब चूंकि...
Read MorePosted by Editor | Aug 26, 2023 | शेयर-व्यापार |
भोजपुरी के आदिकवि संत कबीरदासजी के एगो मशहूर दोहा से आजु के लेख शुरू कर रहल बानी – कबिरा...
Read MorePosted by Editor | Aug 15, 2023 | शेयर-व्यापार |
भोलानाथ गहमरी जी के रचल एगो निर्गुन बहुते मशहूर रहल बा. आजु के शुरुआत ओकरे से करत बानी. कवने खोतवा में लुकइलू आहि रे बालम चिरई, आहि रे बालम चिरई. बन बन ढुंढली, दर दर ढुंढलीं, ढुंढलीं नदी का तीरे, साँझ के ढुंढली, राति के ढुंढली,...
Read MorePosted by Editor | Aug 6, 2023 | शेयर-व्यापार |
एह लेख के मथैला रउरा के बताइए दिहले होखी कि एह पुरान कहाउत के इस्तेमाल हम शेयर ट्रेडिंग का संदर्भ...
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