हर रंग में रंगाइल : ‘फगुआ के पहरा’
– केशव मोहन पाण्डेय एगो किताब के भूमिका में रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव ऊर्फ जुगानी भाई लिखले...
Read MorePosted by Editor | Jul 20, 2017 | पुस्तक चर्चा, समीक्षा, साहित्य |
– केशव मोहन पाण्डेय एगो किताब के भूमिका में रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव ऊर्फ जुगानी भाई लिखले...
Read MorePosted by Editor | Aug 7, 2015 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– विजय शंकर पाण्डेय श्रीमती आशारानी लाल क कथा संग्रह ‘लाज लागेला’ पर कुछ लिखे में हमहीं के लाज लागत हौ. जइसे सूरज के दीया देखावे में लाज न लगै त देखे वाले ओके पागल जरूर कइहैं. इहै हमार हालत होई. तबो हम ढिठाई...
Read More– संकेत बी॰ बेदर्दी हालही में रिलीज भइल भोजपुरी फिलिम ‘खून भरी हमार मांग’ के निर्देशन पक्ष एतना कमजोर बा कि दर्शक सिनेमाघर में ई कहला से नइखन चुकत कि केतना बेकार निर्देशन बा एह फिलिम के कि तनिको समझ में नइखे आवत. दर्शकन से...
Read More– मनोकामना सिंह ‘अजय’ आदरणीय डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल जी, सादर प्रणाम. अपने के भेजल “फगुआ के पहरा” सावन में भाई गंगा प्रसाद अरुण के मार्फत मिलल. राउर गजल के ई लाइन हमनी पर बिलकुल ठीक बइठत बा –...
Read More– डा॰अशोक द्विवेदी कविता का बारे में साहित्य शास्त्र के आचार्य लोगन के कहनाम बा कि कविता शब्द-अर्थ के आपुसी तनाव, संगति आ सुघराई से भरल अभिव्यक्ति ह. कवि अपना संवेदना आ अनुभव के अपना कल्पना शक्ति से भाषा का जरिए कविता के...
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