बतकुच्चन – ४६
पिछला बेर आखिर में पूरा पर पूरा कतार बन गइल रहे बाकिर चरचा ना चलल रहे. आजु ओहि पुर से पूर के सफर पर चलल जाव. पुर कहल जाला नगर भा शहर के बाकिर एकर इस्तेमाल कवनो शब्द का अन्त में प्रत्यय के रूप में बेसी होला, जइसे कि भागलपुर,...
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