औकात आ बेंवत – बतकुच्चन (208)
औकात आ बेंवत – बतकुच्चन (208) ढेर दिन से बतकुच्चन ना कर पवले रहीं त आजु मन कर गइल कि...
Read Moreऔकात आ बेंवत – बतकुच्चन (208) ढेर दिन से बतकुच्चन ना कर पवले रहीं त आजु मन कर गइल कि...
Read Moreआजकल देश की राजनीति कौन जात हो, बालक बुद्धि, या बैल बुद्धि की चरचा में व्यस्त है. बैलों से मुझे...
Read Moreसत्य एके होला बाकिर विद्वान ओकरा के तरह तरह से परिभाषित करेलें. आ एही बात के अगर आम बोलचाल के भाषा...
Read Moreभोजपुरी सिनेमा के बड़हन बाजार मेें देश के हर इलाका के कलाकार, निर्माता, आ तकनीशियन काम करेलेें....
Read Moreपता ना ओमर्टा शब्द आइल कहाँ सेे, भा कवना भाषा से. बाकिर जानकार लोग मानेेला कि एकर उत्पति सिसिलियन...
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