एगो नवगीत
– रामरक्षा मिश्र विमल फूटल भाग लोराइल अँखिया मन पितराइल. असरा के अङना में सपनन के आवाजाही दिन बदलल का दिल बदलल मन हो जाला घाही अलगवला पर मुहर लगल जियरा छितराइल. थथमत आवेला बसंत मन सहमे लागल बा शीशा के पँजरा जाए में सोचे...
Read More२१ फरवरी के दुनिया भर में विश्व मातृभाषा दिवस का रुप में मनावल जाला. हमनी भोजपुरियनो खातिर आजु के दिन खास बा. काहे कि जइसन लागत बा देर सबेर भोजपुरिओ दुनिया के विलुप्त होत भाषा भा खतरा में पड़ल भाषा में शामिल हो जाई. काहे कि खतरा...
Read More– ओ.पी .अमृतांशु जा रे झूम के बसंती बहार पिया के मती मार पिया बसेला मोर परदेसवा में . सरसों के फुलवा फुलाईल आमवा के दाढ़ मोजराईल , अंगे-अंगे मोर गदाराइल हाय!उनुका ना मन में समाईल , लाली होठवा भइल टहकार पिया के मती मार...
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