Tag: भोजपुरी

दू गो गजल

– रामरक्षा मिश्र विमल १ जहें नेह लागल दरदिए मिलल बा कबो फूल कँहवा अङनवा उगल बा ? कबो लहलहाइल ना बिरवा सपन के कतनो नयनवा से पानी ढरल बा कल तक पियावल जे अँजुरी से अमिरित ओकरे अँजुरिया जहर से भरल बा केकरा से आशा बिस्वास के पर...

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भिखारी ठाकुर

– संतोष कुमार पटेल भिखारी ठाकुर भोजपुरी माई के एगो लाल मनई में कमाल अइसन पूत के पाके धरती हो गइली निहाल. काहे कि अइसन लोग धरती पर बेर बेर न आवेलें सांच सीधा गीत न गावेलें परेम के नेह के सनेह विछोह विराग के हियवा में धधकत...

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आपन राग, आपन डफली बजावल छोड़ीं

– आशुतोष कुमार सिंह इतिहास गवाह बा जवन भाषा आपन विस्तार करे में सफल रहल बिया ओकर लोहा पूरा दुनिया मनले बा. कवनो देश-दुनिया के कवनो कोना के मिजाज जाने खातिर ओहिजा के स्थानीय भाषा के जानल जरूरी होखेला. कहल गइल बा कि भाषा से...

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गीत

– रामरक्षा मिश्र विमल खरके मड़इया के सींक रहि रहि टङाला परान. सूरज सुतल बाड़े रतिया उतान परसो होई एक पल के बिहान मन के जवन लागे नीक ओही प मनई के शान. खतरा बा लँघला प आपन सिवान कठवति के गंगा में कउवा नहान बनि जाला जीवन के...

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गजल

– डा॰अशोक द्विवेदी कम में गुजर-बसर रखिहऽ! घर के अपना, घर रखिहऽ! मुश्किल-दिन जब भी आवे दिल पर तूँ पाथर रखिहऽ. जब नफरत उफने सोझा तूँ ढाई आखर रखिहऽ. आपन बनि के जे आवे सब पर खास नजर रखिहऽ. दर्द न छलके ओठन पर हियरा के भीतर...

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