Tag: भोजपुरी

तुहीं बतावऽ

– डा॰अशोक द्विवेदी तुहीं बतावऽ जागी कबलें केकरा खातिर रात-रात भर? खाए के बा अखरा रोटी सूते के बा घास-पात पर! तुहीं बतावऽ जागी कबलें केकरा खातिर रात-रात भर? अपना खातिर, तोहरा खातिर भा अझुराइल सपना खातिर विघटब-टूटन-फिसलन...

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जांच चलत रहेला आ घपला होत रहेला

– जयंती पांडेय आजुकाल रोज सरकार के ओर से एगो आश्वासन दिहल जाला – अगर कहीं गलती भइल होखी त ओकर जांच होई. जांच चलत रहेला, नतीजा कबहुओं सामने ना आवे. जेतना गलत काम होला सबके शुरुआत जांच से होला आ खत्म ई नतीजा से होला कि...

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भोजपुरी के अल्पसंख्यक भाषा काहे कहल जाव?

हालही में भोजपुरीओ में प्रकाशित होखे वाली पत्रिका द संडे इंडियन के तरफ से मुद्दा उठावल गइल बा कि भोजपुरी के अल्पसंख्यक भाषा के दरजा दिहल जाव. एह बारे में पत्रिका के प्रबंध संपादक ओंकारेश्वर पाण्डे के कहना बा कि ई माँग भोजपुरी...

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पुलिस के नाक कटला से बचाईं

– जयंती पांडेय एक दिन एगो प्रोफेसर साहेब, उनकर नांव ह रवींद्र पाठक जी, बिहार के सिवान जिला से आ के लस्टमानंद से भेंट कइले. बाते बात में पुलिस पर चर्चा चलि गइल त पाठक जी बड़ा दुखी हो के बतवले ‘आजुओ काल पुलिस के बारे में लोग...

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भोजपुरी के विकासमान वर्तमान

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल अपना प्रिय अंदाज, मिसिरी के मिठास आ पुरुषार्थ के दमगर आवाज का कारन भोजपुरी शुरुए से आकर्षण के केंद्र में रहल बिया. भाषा निर्भर करेले विशेष रूप से भौगोलिक कारन आ बोलेवाला लोगन के आदत, रुचि आ...

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