Tag: भोजपुरी

गीत

– मनोज भावुक बोल रे मन बोल जिन्दगी का ह … जिन्दगी का ह . आरजू मूअल, लोर बन के गम आँख से चूअल आस के उपवन बन गइल पतझड़, फूल -पतई सब डाल से टूटल … साध- सपना के दास्तां इहे , मर के भी हर बार — मन के अंगना में...

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भोजपुरी के चाहीं संवैधानिक मान्यता

– अजीत दुबे हाल ही में संघ लोकसेवा आयोग एगो जनहित याचिका के अनुपालनक करत मुंबई उच्च न्यायालय में हलफनामा दिहले बा कि सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवार कवनो मान्यता प्राप्त भाषा मे साक्षात्कार दे सकेलें. भारतीय भाषा आ ओकरा...

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जीवन से नत्थी बा कई गो बात

– जयंती पांडेय हमनी के जीवन में कई गो बात नत्थी बा जेहपर हमनी के आपन कवनो हक नईखे. जइसे आपन पड़ोसी, आपन माई बाप आ आपन नांव. ई बस हो जाला एकर चुनाव ना कइल जा सके. लेकिन आज के दुनिया में पहिलका दू गो बात त आपके अधिकार में...

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भोजपुरी उपन्यास "जुगेसर" – 1

– हरेन्द्र कुमार पाण्डेय योगेश्वर नाम रखले रहस उनकर मास्टर चाचा जवन कलकाता में पढ़ावत रहस. स्कूल में भरती का समय राउत जी मास्टर साहेब ठीक (!) कइलन युगेश्वर. लेकिन गांव में सबका खातिर उ जिंदगी भर आ मरलो के बाद जुगेसरे रहस....

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बदलाव से सहमति

– इं॰ राजेश्वर सिंह लाली के दर्जा पांच पास कइले के बाद छह से पढ़ाई खातिर दुइ किलोमीटर दूर बनल इन्टर कालेज में जाये के पड़ल. घर से तैयार होइके नव बजे सवेरे घर से निकले के पड़े. काहे से कि पइदले जाये के रहे. कवनो सवारी क साधन...

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