हारब त हारब बाकिर तोहरा के जीते ना देब : बतंगड़ – 104
हिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल...
Read Moreहिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल...
Read Moreवइसे त गोस्वामी तुलसीदास लिख गइल बानी कि समरथ के नहीं दोष गुसाईं बाकिर जमाना बदलल त कहाउतो बदलबे...
Read Moreपहिला बेर देश के कवनो गोल हिन्दुवन का खिलाफ खुला लड़ाई के एलान क दिहलसि आ ई गोल ना त मुस्लिम लीग...
Read Moreबबुअवो कमाल के आदमी हवे. जबे लागेला कि अब ई सयान होखे लागल बा तबहिऐं कुछ ना कुछ अइसन बोल देला कि...
Read Moreके जानत रहुवे कि बतंगड़ के 100वां कड़ी बाजपेयी जी के मातम मनावे का काम आई. अटल जी के लोग बेपनाह...
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