श्रेणी: सरोकार

नाक काँच ह बात साँच ह

– अमितेश कुमार उमिर का मार से झूराइल ओह देहि में आजुवो उहे लोच बा. आंखि में चमक बढ़ि जाला जसही केहु नाच के नाम ले लेवेला. ऊ शान से रउआ के बतइहें कि मुजफ़्फ़रपुर के बाई जी के कइसे एक बेर ऊ हार मनवा दिहले रहले. लोग बाई जी के...

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समय का साथे कदमताल कइल जरूरी रहे

समय बदलत बा आ समय का साथे नया नया चीज, नया नया प्रणाली आ नया नया साधन निकलत जात बा. बहुते पाठक लोग के शिकायत रहल कि अँजोरिया उनुका मोबाइल भा स्मार्टफोन पर ठीक से नइखे देखल जात. एह चलते अँजोरिया के स्टाइल बदले के पड़ल बा. अब...

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स्टीव, तुम्हीं सो गये दास्ताँ कहते कहते

कहानी. एगो अइसन आदमी के जेकर महतारी बे बियाहल रहे. जेकरा के गोद देबे के रहे से एन मौका पर मुकर गइल काहे कि ओकरा लड़की चाहत रहे आ पैदा लड़िका भइल. बेबिहाअल महतारी के जिद्द रहे कि ओकरे के गोद दिहल जाई जे पढ़ल लिखल होखी बाकिर जे...

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चलीं रावण पर राम के विजय पर्व मनावल जाव.

विजया दशमी पर्व असत्य पर सत्य के, अपराध पर न्याय के विजय पर्व हऽ. एकरा के हमनी का बहुविधि मनाइले सँ. रामलीला का मैदान में लागल रावण के बड़हन बड़हन पुतला फूंकल जाला बाकिर हर साल रावण ओहू ले बड़ रूप में फेरु से आ जाला. खाली पुतले बनि...

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जेकर बैरी चैन से सोये ओहके जियला पर धिक्कार

– पाण्डेय हरिराम आजुकाल्हु पश्चिमी देशन, खास कर अमेरिका में एगो बहस चलत बा कि का फांसी के सजा जायज ह ? अमरीका में 1970 से पहिले फांसी के सजा पर पाबंदी रहे बाकिर 1970 में सुप्रीम कोर्ट ओकरा के लागू कर दिहलसि आ अब फेरु एहपर...

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