Category: सरोकार

तमसो मा ज्योतिर्गमय

– पाण्डेय हरिराम आजु दीपावली ह, अन्हार के दूर भगावे के तेहवार. एह तेहवार के भारतीय लोकजीवन में बहुते आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ सामाजिक महत्व ह. दीपावली के रात में दिया जला के हमनी का अन्हरिया पर उजियार के जीत के जश्न...

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भोजपुरी फिलिमन के प्रस्तुतिकरण के खुश नइखन मनोज तिवारी

एक कहावत ह चमत्कार के नमस्कार! इहो कहल जाला कि चमत्कार रोज-रोज ना होले. अइसने एगो चमत्कार भइल रहे साल 2004 में जब ‘ससुरा बड़ा पइसावाला’ बनल. ओह समय भोजपुरी में फिलिम बनत रहली सँ बाकिर ओतना ना जतना आजु बनत बा. एगो नाम रहल मनोज...

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नाक काँच ह बात साँच ह

– अमितेश कुमार उमिर का मार से झूराइल ओह देहि में आजुवो उहे लोच बा. आंखि में चमक बढ़ि जाला जसही केहु नाच के नाम ले लेवेला. ऊ शान से रउआ के बतइहें कि मुजफ़्फ़रपुर के बाई जी के कइसे एक बेर ऊ हार मनवा दिहले रहले. लोग बाई जी के...

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समय का साथे कदमताल कइल जरूरी रहे

समय बदलत बा आ समय का साथे नया नया चीज, नया नया प्रणाली आ नया नया साधन निकलत जात बा. बहुते पाठक लोग के शिकायत रहल कि अँजोरिया उनुका मोबाइल भा स्मार्टफोन पर ठीक से नइखे देखल जात. एह चलते अँजोरिया के स्टाइल बदले के पड़ल बा. अब...

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स्टीव, तुम्हीं सो गये दास्ताँ कहते कहते

कहानी. एगो अइसन आदमी के जेकर महतारी बे बियाहल रहे. जेकरा के गोद देबे के रहे से एन मौका पर मुकर गइल काहे कि ओकरा लड़की चाहत रहे आ पैदा लड़िका भइल. बेबिहाअल महतारी के जिद्द रहे कि ओकरे के गोद दिहल जाई जे पढ़ल लिखल होखी बाकिर जे...

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