ताजा आंदोलन से उपजल कुछ सवाल
– पाण्डेय हरिराम अबही कुछ दिन पहिले किरण बेदी कहले रही ‘अण्णा इज इंडिया एंड इंडिया इज अण्णा’. उनुकर ई बाति अचानके इमरजंसी के ओह दौर के इयाद दिआ दिहलसि जब एगो महानुभाव कहले रहन ‘इंदिरा इज...
Read More– पाण्डेय हरिराम अबही कुछ दिन पहिले किरण बेदी कहले रही ‘अण्णा इज इंडिया एंड इंडिया इज अण्णा’. उनुकर ई बाति अचानके इमरजंसी के ओह दौर के इयाद दिआ दिहलसि जब एगो महानुभाव कहले रहन ‘इंदिरा इज...
Read Moreआखिर ऊ होइये गइल जवना के होखे के उमेद ना रहल. चउहत्तर साल के एगो बूढ़ अपना जिद्द से सरकार के झुका दिहलसि. सरकार अन्ना से निपटे में हर ऊ गलती कइलसि जवन कवनो मदान्ध सत्ता के मद में कर सकेला. पहिले त सोचलसि कि एह बूढ़ से का होई. बड़...
Read More– पाण्डेय हरिराम आजु जन्माष्टमी ह आ एह मौका पर कृष्ण जन्म के चर्चा जरूरी बावे. काहे कि आजु हमनी का फेर एगो विचित्र संक्रमण काल का चौराहा पर खाड़ बानी जा. मौजूदा काल आधुनिक आ उत्तर आधुनिक काल से आगा बढ़ के एगो वैश्विक काल...
Read Moreपूर्वांचल एकता मंच के तत्वाधान में देश के बहुते भोजपुरी संस्थावन का सहयोग से २ सितम्बर २०११ शुक के साँझ चार बजे से दिल्ली के कंसटीटुसनल क्लब, रफ़ी मार्ग, पर एगो राष्ट्रीय बहस के आयोजन होखे जा रहल बा. एह संगोष्ठी में देश के...
Read More