Category: साहित्य

बदलाव से सहमति

– इं॰ राजेश्वर सिंह लाली के दर्जा पांच पास कइले के बाद छह से पढ़ाई खातिर दुइ किलोमीटर दूर बनल इन्टर कालेज में जाये के पड़ल. घर से तैयार होइके नव बजे सवेरे घर से निकले के पड़े. काहे से कि पइदले जाये के रहे. कवनो सवारी क साधन...

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भोजपुरी के बइठकी गोरखपुर में

गोरखपुर के भोजपुरी संगम के छब्बीसवीं बइठकी पिछला ८ अप्रेल २०१२ के डा॰ सत्यमवदा शर्मा “सत्यम” के शाहपुर आवास पर भइल. एकरे पहिले पारी में युवा कहानीकार अवधेश शर्मा “सेन” के कहानी “बदलाव” पर...

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भोजपुरी उपन्यास "जुगेसर" के भूमिका

आदर्श युवक के सम्मोहक प्रेम के सूत्र में बंधल सामाजिक ताना बाना ‘जुगेसर’ उपन्यास एगो अइसन व्यापक फलक वाला आधुनिक उपन्यास ह जवना में गांव अउर शहर दूनों के सामाजिक परिस्थिति अउर चुनौती के वस्तुपरक ढंग से बहुत व्यापक...

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बतकुच्चन – ५६

भाषा भोजपुरी से हमार परिचय नौ बरीस से बा. एह बीच बहुते तरह के लोग से भेंट भइल. कुछ ओह लोग से जे भोजपुरी में आपन धंधा करत बा त कुछ ओहू लोग से जे भोजपुरिए के आपन धंधा बना लिहले बा. सोचीं त दुनु में कवनो खास अंतर ना बुझाई बाकिर गौर...

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चइता

– डॉ.कमल किशोर सिंह चिकित्सक के चइता रामा कहेलें कन्हैया सुनहो प्यारी राधिका हो रामा हमरा के – मक्खन अब ना खियाव हो रामा हमरा के —— रामा खाई के मक्खनवा बढ़वनी वजनवा हो रामा , रक्त-चाप – रक्त- चाप...

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