अहजह
– नीमन सिंह बतइब हो हम का करीं….. कइसे करीं कइसे रहीं का खाई का पहिनी ? बतइब हो हम का करीं…. कहवां मूती कहवां हगीं केकरा संगे बात बिचारी बतइब हो हम का करीं….. केहू कहे हई करs केहू कहे हउ करs केहू कहे मउज...
Read More– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आस्तीन में पलिहा बढ़िहs मनही मन परिभाषा गढ़िहs कुछो जमइहा कबों उखरिहा गारी सीकमभर उचारिहs हे ! नाग देवता पालागी ! हरदम तोसे नेह देवता बसिहा एही गेह देवता नीको नेवर बुझिया भलहीं डसिहा...
Read More– रश्मि प्रियदर्शिनी अँगना-दुअरा एक कs देवेले लोग कहेला माई के गोड़िया में चकरघिन्नी बा दुअरा के बंगली से अँगना के रसोई तक चलत रहेले चलत रहेले परिकरम करे जवन धरती आकास एक दिन उहे गोड़वा टेटाए लागल माई के उमरिया बुझाए...
Read More– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी नइकी शादी छंटल बहुरिया डिस्को झारत भर दुपहरिया भइया फ्रिज में पानी राखस लुग्गा धोवे रोज तिसरिया अब मइया न बलाएँ लेती . बहल गाँव बिलाइल खेती . बइठल दुअरे बब्बा रोवें घरवां दादी बरतन...
Read More– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल शास्त्रन में तीज के हरितालिका नाम से जानल जाला. “हरितालिका” शब्दो एह ब्रत खातिर खूब प्रचलित बा. भादो का अँजोर में तृतीया तिथि1 के एकर अनुष्ठान कइल जाला. पति खातिर ‘तीज’ आ बेटा खातिर...
Read More
Recent Comments