कुलछनी
– डॉ॰ उमेशजी ओझा नीलम के गोड़ धरती प ना पड़त रहे. खुशी के मारे एने से ओने उछलत कुदत चलत रही. एह घरी के सभ लइकी आ लइका के बड़ी इन्तजार रहेला. नीलमो आखिर उछल कुद काहे ना करस. उनकर बिआह जे ठीक भइल रहे. नीलम के मन में खुशी के...
Read More– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...
Read More– डॉ॰ उमेशजी ओझा प्रशांत एगो ट्रेवल्स एजेन्सी के मालिक रहले. शहर में आवे वाला यात्रियन के शहर के देखे वाला जगहन प घुमावे खातिर अपना एजेन्सी से छोट गाडी उपलब्ध करावल उनकर काम रहे. प्रशांत के व्यपार बहुते चल निकलल रहे....
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