सुमना के बाबा
– देवेन्द्र कुमार सउंसे घर में कोहराम मच गइल. सुमना के बाबा के मिजाज राति खानि एकाएक खराब हो गइल. सभे लोगन के चेहरा प हवाई उड़त रहे. अब का होई? अतना राति के ऊहां के अस्पताल ले जाए के परी. काहेंकि एह घड़ी तो कवनो डाक्टर...
Read More– देवेन्द्र कुमार सउंसे घर में कोहराम मच गइल. सुमना के बाबा के मिजाज राति खानि एकाएक खराब हो गइल. सभे लोगन के चेहरा प हवाई उड़त रहे. अब का होई? अतना राति के ऊहां के अस्पताल ले जाए के परी. काहेंकि एह घड़ी तो कवनो डाक्टर...
Read More– विनोद द्विवेदी सड़क का किनारे बान्हल बकरन के झुण्ड में कुछ बकरा बीमार आ उदास लागत रहलन स. एगो बकरा दूइए दिन पहिले खरीद के आइल रहे. उपास खड़ा दोसरा बकरा का तरफ देख के जइसे कहल चाहत रहे कि ना जाने कवना घड़ी में हमार जनम...
Read More– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...
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