Category: सतमेझरा

स से हुंसियार रहे नारी जाति

– जयंती पांडेय अपना देश में मेहरारू जात हमेशा खतरा में रहेले. पहिले बंगाल में कवनो खतरा ना रहे पर अब त इहों खतरा बढ़ि गइल बा. अपना देस के मेहररूअन के समय-समय पर अनेकानेक दुश्मन से सामना होत रहेला आउर ओहमें सबसे पहिला नाम...

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लस्टमानंद के पुलिस विमर्श

– जयंती पांडेय रामचेला बाबा लस्टमानंद से सवचले, हो बाबा आज कल पुलिस सुधार पर बड़ा चर्चा बा. कभी सुनले रहनी कि सिपाही के मुरइठा देखि के बड़े बड़े लोगन के पैंट खराब हो जात रहे. आजुओ काल पुलिस के बारे में लोग के अच्छा विचार...

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पइसवा जात कहां बा

– जयंती पांडेय राहुल गांधी अपना चुनाव प्रचार में कई हाली कहले कि गांव के विकास के खातिर जवन रुपिया आवे ला तवना में से दसे पइसा मिले ला बाकी गायब हो जाला. काफी सोचला पर ई पता ना चलल कि के खा जाला. मन में 90 पइसा हजम करे...

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अकिल आ भँईस

– जयंती पांडेय जब से अखबारन में मार छपे लागल कि सरकार खेती के बढ़ावा देवे के खातिर कई-कई गो सुविधा दी तबसे गांव छोड़ के सात बरिस पहिले आइल टेकमन पंडित के नाती लुटमन तिवारी ‘दीपक’ उर्फ ‘दीपक एल एम’ गांव आके खेती करे खातिर...

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पाकिट में दाम नईखे तऽ राउर कवनो मान नइखे

– जयंती पांडेय ‘एगो कहावत बा कि पाकिट में दाम नइखे तऽ राउर कवनो मान नइखे। गांव में कहल जाला कि मरद के मरद रुपिया हऽ ना तऽ सब मरद के मर्दानगी बेकार. काल कई जगहि चुनाव के रिजल्ट आइल. बड़े बड़े ज्ञानी लोग कहल कि भ्रष्टाचार के...

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