जे हंसे ना ऊ..?
– जयंती पांडेय ई त केहु विज्ञानीए बता सकेला कि तीनूं तिरलोक में आदमी के अलावा कवन प्राणी हंसेला. लेकिन ई त तय बा कि गदहा बिल्कुल ना हंसेला. बाबा लस्टमानंद के बात सुनि के राममचेला कहलें, ऊ जे गदहा कभी-कभी हंसत अइसन लागेला...
Read More– जयंती पांडेय ई त केहु विज्ञानीए बता सकेला कि तीनूं तिरलोक में आदमी के अलावा कवन प्राणी हंसेला. लेकिन ई त तय बा कि गदहा बिल्कुल ना हंसेला. बाबा लस्टमानंद के बात सुनि के राममचेला कहलें, ऊ जे गदहा कभी-कभी हंसत अइसन लागेला...
Read More– जयंती पांडेय अबहीं दिन चढ़ल शुरूए भईल रहे आ घामो अब तपल शुरु हो गइल रहे कि रामचेला बाबा लस्टमानंद के मड़ई में अइलें. उनका कांखि में एगो अखबार दबाइल रहे. ऊ अखबार निकाल के बाबा के दिहले. बाबा पढ़ल शुरू कइलें. ओह में लिखल...
Read More– जयंती पांडेय केहु के केहु पर पइसा बकाया रहेला त ऊ आंखि लुकवावे ला. केहु कवनो बात से लजाला त केहु कवनो बात से. एह में एगो होला राष्ट्रीय शर्म. इहो राष्ट्रीय शर्म तरह-तरह के होला. कबहीं मोदी जी के गुजरात में दंगा से हो...
Read More– जयंती पांडेय रामचेला दुपहरिया में बाबा लस्टमानंद के दुअरा मुंह लटकवले अइले आ कहले, अमरीका के एगो कम्पनी बा ऊ तऽ हमनी के देश के कंगाल बता के कहि देता कि ओकर कवनो साख नइखे. ई खबर से भारत के रेटिंग घट गइल. बाबा लस्टमानंद...
Read More– जयंती पांडेय हमनी के जीवन में कई गो बात नत्थी बा जेहपर हमनी के आपन कवनो हक नईखे. जइसे आपन पड़ोसी, आपन माई बाप आ आपन नांव. ई बस हो जाला एकर चुनाव ना कइल जा सके. लेकिन आज के दुनिया में पहिलका दू गो बात त आपके अधिकार में...
Read More