Category: सतमेझरा

अकिल आ भँईस

– जयंती पांडेय जब से अखबारन में मार छपे लागल कि सरकार खेती के बढ़ावा देवे के खातिर कई-कई गो सुविधा दी तबसे गांव छोड़ के सात बरिस पहिले आइल टेकमन पंडित के नाती लुटमन तिवारी ‘दीपक’ उर्फ ‘दीपक एल एम’ गांव आके खेती करे खातिर...

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पाकिट में दाम नईखे तऽ राउर कवनो मान नइखे

– जयंती पांडेय ‘एगो कहावत बा कि पाकिट में दाम नइखे तऽ राउर कवनो मान नइखे। गांव में कहल जाला कि मरद के मरद रुपिया हऽ ना तऽ सब मरद के मर्दानगी बेकार. काल कई जगहि चुनाव के रिजल्ट आइल. बड़े बड़े ज्ञानी लोग कहल कि भ्रष्टाचार के...

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भउजी हो! हैप्पी होली!

भउजी हो! हैप्पी होली! का बबुआ ? रउरो अगरेज बनि गइनी का ? ना भउजी.बाकिर चारो ओर देखि के लागल कि इहे कहल ठीक रही. देखतानी कि जे सुबहित एक लाइन अंगरेजी ना बोल सके उहो एक दोसरा के हैप्पी होली बोलत बा. कबो सोचनी कि काहे अइसन होखत बा...

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लीप इयर माने लीपापोती करे वाला साल

– जयंती पांडेय का हो राम चेला ई बरिस तऽ अंग्रेजी में लीप ईयर हऽ. लीप ईयर के अंग्रेजी में चाहे जवन माने होखे हमरा भोजपुरी में तऽ लीपले कहाई. मानें कि तीन साल जवन कलेंडर के गीने में गलती भईल ओकर चउथा बरिस के 60 वां दिने एक...

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भउजी हो, तोहार नाँव का ह?

भउजी हो ! का बबुआ ? तोहार नाँव का हऽ ? ना बताएब. तोहार उमिर कतना भइल ? ना बताएब. तोहार धरम का ह ? ना बताएब. बिआहे अइलू ओकरा बाद कतना के गहना बनववलू ? ना बताएब. कवना बेमारी के ईलाज करावे नइहर गइल रहलू ? कई हालि कह दिहनी कुछ ना...

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