लोक कवि अब गाते नहीं
(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) उपन्यास का बारे में...
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Read Moreभोजपुरी जनमानस के वेदना उभारत एगो उपन्यास अँजोरिया भोजपुरी के बढ़न्ती आ विकास खातिर हमेशा से प्रतिबद्ध रहल बिया आ एह खातिर ओकर हमेशा से कोशिश रहल बा कि भोजपुरी में प्रतिष्ठित रचना दिहल जाव. अँजोरिया के गर्व बा कि जतना प्रतिनिधि...
Read Moreभोजपुरी के बढ़त लोकप्रियता देखत एह भाषा में चैनलो के संख्या बढ़े लागल बा. महुआ टीवी, संगीत भोजपुरी, मैजिक टीवी, हमार टीवी, का बाद अब हमनी भोजपुरिया नाम के टीवी चैनल के शुरुआत होखे जा रहल बा. हमनी भोजपुरिया के चलावे वाली कंपनी एचवी...
Read More– ओ.पी. अमृतांशु पर घर के आसरा कइली मतारी, आइल पतोहिया भारी रे. रोएली लोरवा ढारी मतारी, रोएली लोरवा ढारी रे. नव महीना दरदिया सहली ,बबुआ के जनमवली देवता-पितर पूजली, शीतला माई के गोद भरवली नजर-गुजर ना लागो, केतना मरीचा...
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