भगवान के चटकन
– डॉ॰ उमेशजी ओझा अरे ए रबिन्दरा, आपन दिमाग ठीक राख, जमीन प रहेके सीख, हवा में मत उड़. सब कोर्इ के इजत होला. जोऽ, आ लईकी देख आउ आ बढिया से आपन बेटा सुरेश के बिआह क दे. ढेरी लईकी देखि के छोड़ छाड़ मत कर, भगवान सब देखत बानी....
Read More– डॉ॰ उमेशजी ओझा अरे ए रबिन्दरा, आपन दिमाग ठीक राख, जमीन प रहेके सीख, हवा में मत उड़. सब कोर्इ के इजत होला. जोऽ, आ लईकी देख आउ आ बढिया से आपन बेटा सुरेश के बिआह क दे. ढेरी लईकी देखि के छोड़ छाड़ मत कर, भगवान सब देखत बानी....
Read More– देवेन्द्र कुमार गुलजारी लाल जी आपन संघतिया मनमौजी के संगे साप्ताहिक बाजार मंगला हाट में हफ्ता भर के जरूरी सामान के खरीदारी करे खातिर गइल रहलें. दूनो संघतिया बाजार में घूमत-फिरत आपन जरूरत के मुताबिक सर-सामान खरीदत रहलें....
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..