छठ गीत Posted by Editor | नवम्बर 11, 2010 | कविता, साहित्य | – ओ.पी. अमृतांशु अँखिया से बही गइले, लोरवा के नदिया, छठी माई,सुनिलीं तीवईया के अरजिया हो राम. गोबरे लिपवलीं, पुरवलीं चउकावा, जगमग-जगमग, जरेला दियनवा, कोसिया भरवलीं, कईलीं घीउए हुमदीया. छठी माई,सुनिलीं तीवईया के अरजिया हो... Read More
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