बतकुच्चन – ५९
आजु जब बतकुच्चन लिखे बइठल बानी त सामने दू गो मौत के खबर पड़ल बा. एगो चंदौली के भोजपुरी कवि रामजियावन दास बावला के आ दोसरका गोरखपुर के आचार्य प्रतापादित्य के. अब बतकुच्चन के ई विषय त ह ना बाकिर दिमाग जे बा से कि एही पर अटक के रहि...
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