Tag: भोजपुरी

गाँधीवाद का बदले कई गो नया वाद

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद सुर्ती फाँक के रामचेला से कहले, जान जा ए बबुआ, आज काल्हु अपना देस के राजनीति में कई गो नया प्रकार के वाद चल गइल बा. जइसे आजादी का जमाना में गाँधीवाद चलल रहे आ नेहरू शास्त्री का जमाना में...

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धरती के चुनरी रंगाई

– ओमप्रकाश अमृतांशु कि आरे झुरू -झुरू बहेला फगुनवा , सगुनवा लेइके बा आईल. लाल -पियर शोभेल गगनवा , धरती के चुनरी रंगाईल. {1} आमवा से अमरित टपके , चह-चह चहके चिरइयाँ. महुआ सुगंध में मातल, कुकू -कुकू कुकेले कोइलिया . कि आरे...

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