भोजपुरी पंचायत पत्रिका के बहाने भोजपुरी के रोअन धोअन
भोजपुरी पंचायत पत्रिका के अप्रेल अंक प्रकाशित हो गइल बा. एह अंक में चौतरफा फाँस में फसल शीला...
Read MorePosted by Editor | Mar 30, 2013 | पुस्तक चर्चा, सरोकार |
भोजपुरी पंचायत पत्रिका के अप्रेल अंक प्रकाशित हो गइल बा. एह अंक में चौतरफा फाँस में फसल शीला...
Read More– ओमप्रकाश अमृतांशु कि आरे झुरू -झुरू बहेला फगुनवा , सगुनवा लेइके बा आईल. लाल -पियर शोभेल गगनवा , धरती के चुनरी रंगाईल. {1} आमवा से अमरित टपके , चह-चह चहके चिरइयाँ. महुआ सुगंध में मातल, कुकू -कुकू कुकेले कोइलिया . कि आरे...
Read More– मनोज भावुक हई ना देखs ए सखी फागुन के उत्पात । दिनवो लागे आजकल पिया-मिलन के रात ॥1॥ अमरइया के गंध आ कोयलिया के तान । दइया रे दइया बुला लेइये लीही जान ॥2॥ ठूठों में फूटे कली, अइसन आइल जोश । अब एह आलम में भला, केकरा होई होश...
Read More– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद आ रामचेला सड़क के जरिए बंगाल से अपना गाँवे लवटत रहे लोग. रस्ता में एक जगह लेंग्चा पंतुआ के दोकान रहे. ओहिजा लेंग्चा के नांव से न जाने कतना दोकान रहे. कवनो लेंग्चा महल, त कवनो लेंग्चा पैलेस, त...
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