सब कुछ ठीक बा
– जयंती पांडेय राम चेला बड़ा चिंता में बाबा लस्टमानंद के लगे अइले आ थहरा के बइठ गइले. बाबा पूछले कि उनका कवना बात के चिंता बा कि उनकर चेहरा उड़ल बा. राम चेला कहले, का कहीं बाबा कांग्रेस त पहिलहीं घोटाला में डूबल रहे अब...
Read More– जयंती पांडेय राम चेला बड़ा चिंता में बाबा लस्टमानंद के लगे अइले आ थहरा के बइठ गइले. बाबा पूछले कि उनका कवना बात के चिंता बा कि उनकर चेहरा उड़ल बा. राम चेला कहले, का कहीं बाबा कांग्रेस त पहिलहीं घोटाला में डूबल रहे अब...
Read Moreबहुत पहिले एगो चुटकुला पढ़ले रहीं. गाँधी जी मर गए, नेहरू जी मर गए, मेरी भी तबियत खराब चल रही है. पता नहीं इस देश का क्या होगा? आजु काल्हु कुछ अइसने भाव मन में आवत रहत बा. आजु जब ई लिखत बानी त कार्तिक पूर्णिमा के नहान खातिर लोग के...
Read More– जयंती पांडेय गुरू लस्टमानंद मार मईल कुर्ता धोती अपना बेग में से निकाल के बिगत रहले साफ करेके. अतने में राम चेला अइले. दंडवत क के पूछले, का हो बाबा कई दिन से ना लउकलऽ? कहां चल गइल रहलऽ? बाबा कहले, दिल्ली गइल रहीं. राम...
Read More– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद कलकत्ता अइले. उहां उनकर नाती नोकरी करत रहे. ओकरा बगल में एगो आदमी रहे , बेचारा मजदूर. अपने ओर के. ओकर बाप बाबा के परिचित. बड़ा चिंता में रहे. सुनलस कि बाबा आइल बाड़े त भेंट करे चलि आइल. ओकरा...
Read Moreई एगो बड़हन सवाल बा. आ एकर जवाब कवनो एक आदमी ना दे सके. एहसे ई सवाल रउरा सभका सोझा राखत बिया अँजोरिया कि एह सवाल के जवाब खोजल जाव. रउरा सभे से निहोरा बा कि आपन राय विस्तार से अँजोरिया के भेजीं, एहिजा छोटहन कमेंट दे के ना. सभकर...
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