माई रे, अपना घर के ऊ आँगन कहाँ गइल
गरमी के छुट्टी : जमाना के फेर इयाद बा जब हमनी के स्कूल में जब गरमी के छुट्टी होखे त सगरी लइका लइकी...
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Read Moreमशहूर भोजपुरी राइटर आ टीवी पत्रकार मनोज भावुक भोजपुरी के सबले लोकप्रिय चैनल ‘महुआ प्लस’ के क्रिएटिव कंसल्टेंट बनावल गइल बाड़ें. लोग कहेला कि टेलीविजन पत्रकारिता में प्रतिभावान लोग नइखे बाकिर कुछ टेलीविजन पत्रकार...
Read Moreमनोज भावुक को मॉरीशस के राष्ट्रपति रहल आ प्रधानमंत्री रहल सर अनिरुद्ध जगन्नाथ अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी गौरव सम्मान, मॉरिशस 2014 से नवज़लन. भोजपुरी कविता के क्षेत्र में आपन एगो अलग पहचान राखे वाला मनोज भावुक के एक ओर जहां मारीशस...
Read Moreनेपाल की राजधानी काठमांडू में पिछल 13 से 15 सितम्बर 2013 ले आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन...
Read More– मनोज भावुक (१) सर से हाथ हटा के देखीं , हाथ-पैर चला के देखीं, कुछ ना कुछ रस्ता निकली,बुद्धि के दउरा के देखीं पहिले त उठ्ठीं-जागीं, फिर आलस के कंबल फेकीं मन जरूर फरहर होई, दाढ़ी बाल बनवा के देखीं दूध के धोवल केहू नइखे ,सब...
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