Tag: भोजपुरी

तनी हट-हटा के ….

– प्रगत द्विवेदी बचपन से आजु ले पिताजी के भोजपुरी-भोजपुरी रटत देखत अइलीं. ऊ आजु ले ना थकलन, बाकिर हमनी का जरूर घबड़ा गइली जा. भोजपुरी के पहिचान, ओकरा प्रसार आ विकास के बात-बखान सुनत हम बलिया से आके दिल्ली रहे लगनी बाकि आजु...

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म से मोदी आ म से महंगाई

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद अचके में कहले कि जान जा रामचेला कि एक दिन रात में अचके मोदी जी के अंघी खुल गइल. नेता लोग खास कर मंत्री लोग के अंघी टूट गईल बड़ा बडहन आ शुभ बात हऽ. अब जब अंघी टूटि गइल तऽ पलंग पर उठि के बईठ...

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भोजपुरी-मैथिली के भाव में विभोर भइल दिल्ली…

– ओेमप्रकाश अमृतांशु कविता अइसन विद्या ह जेकर उमिर दस-बीस साल ना सैकड़ो-हजारो साल होखेेेेला. जेकरा के अनपढ़ो सुन सकेला, गुनगुना सकेला. कवि के कविता के भाव में दरद, आक्रोश, प्रेम आ ढ़ेरन अभिव्यक्ति के समावेश होखेेला. कविता में...

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बदला के आगि

– डॉ॰ उमेशजी ओझा प्रशांत एगो ट्रेवल्स एजेन्सी के मालिक रहले. शहर में आवे वाला यात्रियन के शहर के देखे वाला जगहन प घुमावे खातिर अपना एजेन्सी से छोट गाडी उपलब्ध करावल उनकर काम रहे. प्रशांत के व्यपार बहुते चल निकलल रहे....

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मोदी मौनी बाबा काहे बन गइले ?

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद से अचके में रामचेला पूछले, बाबा हो! ई आपन मोदी जी आजुकाल कुछ बोलत काहे नइखन ? बाबा कहले, अब तूं ही बतावऽ कि मोदी जी सरकार चलावस कि बकबकास. अरे सरकार चलावल कवनो बैलगाड़ी चलावल ना नु ह कि जबले...

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