Tag: भोजपुरी

मोदी मौनी बाबा काहे बन गइले ?

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद से अचके में रामचेला पूछले, बाबा हो! ई आपन मोदी जी आजुकाल कुछ बोलत काहे नइखन ? बाबा कहले, अब तूं ही बतावऽ कि मोदी जी सरकार चलावस कि बकबकास. अरे सरकार चलावल कवनो बैलगाड़ी चलावल ना नु ह कि जबले...

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वर्ल्ड क्लास स्टेशनन पर खइनी डिटेक्टर लगावल जरूरी

– जयंती पांडेय मंगलवार के रेल बजट देखि सुनि के बाबा लस्टमानंद कहले कि ‘विश्व स्तरीय रेल गाड़ी तऽ हमरा पसंद नइखे.’ आज के रेलगाड़ी के सफर के आपन मजा बा. सफर के समय , रामचेला जान जा कि एगो अभूतपूर्व आनंद होला. आजु के हमनी के...

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पति के दबावे के फरमूला

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद के महिला संगठन के तरफ से कहल गईल कि कवनो हंसी के मसाला दऽ. बड़ा गड़बड़, महिला सशक्तिकरण के जमाना में जे कवनो उल्टा सीधा मजाक हो गईल चाहे कवनो उल्टा सीधा मतलब निकल गइल तऽ अलग झमेला. का करस,...

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अजगर

– संतोष कुमार गाँव के गाँव लील रहल बा नीमिया के छाँव पानी के पाँव कुल्ही लील गइल अजगर. भले ओकर नाम शहर बा बाकिर ओकरा मे बड़ा जहर बा जहर बा छल कपट के, दुराव के, तनाव के विष बा धोखा के, चपलूसी के, बिखराव के उजड़ गइल गाँव गोरी...

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भोजपुरी ‘उन्नीस’ नइखे बाकिर “बीस’ के बनाई ?

– अशोक शर्मा ‘अतुल’ कवनो विषय भा प्रसंग पर जब कवनो बतकही चलेला त ओकरा समेसया पर अधिक जोर रहेला – हई ना भइल, हउ ना भइल. त फलाने जिमेवार, चिलाने कसूरवार. कहे के मतलब कि जेतना माथापच्ची समेसया बतावे पर होला...

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