Tag: भोजपुरी

भोजपुरी ‘उन्नीस’ नइखे बाकिर “बीस’ के बनाई ?

– अशोक शर्मा ‘अतुल’ कवनो विषय भा प्रसंग पर जब कवनो बतकही चलेला त ओकरा समेसया पर अधिक जोर रहेला – हई ना भइल, हउ ना भइल. त फलाने जिमेवार, चिलाने कसूरवार. कहे के मतलब कि जेतना माथापच्ची समेसया बतावे पर होला...

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कांच कोइन

– संतोष कुमार ‘इहाँ हमरा से बड़का हीरो कवनो बा का ? हम अभिए चाहीं त निमन निमन जाने के ठीक कर दीं’ – किसुन दारु पी के अपना घर के दुअरा पर पैतरा कइले रहलन. आपन मेहरारू के हांक लगावत कहलें – ‘का...

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नेताजी के कटहर चोरी भइल

– जयंती पांडेय नेताजी भाजपा के हाहर में जीत गइले आ मंत्रियों हो गइले. जहां उनका बंगला मिलल ओह में एगो कटहर के पेड़ रहे. मंत्री जी रोज सबेरे उठि के गाछ पर के कटहर गिनस. एक दिन अचके में लगले चिलाये कि गाछि पर काल्हु ले एगारह...

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सखी

– डा॰ गोरख प्रसाद मस्ताना लोर से भरल आँख अउरी मुँह पर पसरल उदासी साफ साफ झलका देला कि कवनो परानी दुख में केतना गोताइल बा. बेयाकुल चिरई के बोली में चहचहाहट ना होला, बस बुझवइया के समझला के फेर हऽ. एही लेखा-जोखा में नीतू के...

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अंधेर नगरी माने बिजली के बिना शहर

– जयंती पांडेय रामचेला लइकन के बतावत रहले कि अंधेर नगरी के माने का होला. ओकरा खातिर जरूरत होला चौपट राजा के. बिना चौपट राजा के अंधेर नगरी होइये ना सके. तले बाबा लस्टमानंद कहले हो राम चेला ई कहानी सब पुरान जमाना के ह आ...

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