Tag: भोजपुरी

चिठी लिखल केहु सही कइल केहू …

– जयंती पांडेय सबेरे सबेरे राम चेला बतवले कि ठठपाल पांड़े के दुअरा पर मार लोग बिटोराइल बा आ पंचइती हो रहल बा. बाबा तुहूं चलऽ. बात का बा? लस्टमानंद सवचले. रामभरोसे बतवले कि ठठपाल के बेटिया भकजोगनी के केहु लभ लेटर लिखले बा...

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लोक कवि अब गाते नहीं – २०

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) अनइसवाँ कड़ी में वकील साहब का फेर मे फँसल ठकुराइन आ धारा ६०४ वाला किस्सा पढ़ले रहीं. अब ओकरा आगा पढ़ीं….. आ अब एही वर्मा वकील के बेटा अनूप लोक कवि के वीडियो...

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अस्तित्व संकट से जूझत भोजपुरी बियाह गीत के परंपरा

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल एहमें कवनो संदेह नइखे कि लोकसाहित्य में लोकगीत के जगह सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण बाटे. जनजीवन में एकरा व्यापक प्रचार के स्वीकार करत राधावल्लभ शर्मा जी मानतानी कि ई गीत भावुक आ संवेदनशील जनता के हृदय...

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अबलौं नसानी अब ना नसइहों

आजु एगो खबर पढ़े के मिलल कि बिहार भोजपुरी अकादमी मालिनी अवस्थी के आपन ब्रांड अम्बेसडर बनवले बिया आ अब मालिनी जी देश विदेश में भोजपुरी के प्रचार प्रसार करीहें. बुध का दिने अखबार वालन के ई जानकारी देत अकादमी के अध्यक्ष प्रो॰...

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