हमके हीन मत समझीं
– डॉ॰ आशारानी लाल हम अपना बारे में रउवा सभे से कुछ बतावल चाहत रहीं. कुछे नाहीं, बहुत कुछ बतइतीं, चाहें भर जिनगी के कहनी कहतीं, बाकी का कहीं – अपन नउँवें बतावत के नऽ हमरा लाज घेर लेले बा. सोचतानी कि हमार नउँवा सुनिये...
Read More– डॉ॰ आशारानी लाल हम अपना बारे में रउवा सभे से कुछ बतावल चाहत रहीं. कुछे नाहीं, बहुत कुछ बतइतीं, चाहें भर जिनगी के कहनी कहतीं, बाकी का कहीं – अपन नउँवें बतावत के नऽ हमरा लाज घेर लेले बा. सोचतानी कि हमार नउँवा सुनिये...
Read Moreआरा में भइल भोजपुरिया जन मोरचा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बइठक में भोजपुरी के अनदेखी पर नाराजगी जाहिर कइल गइल. कहल गइल कि आवे वाला लोकसभा चुनाव में एह मुद्दा के मोरचा जनता का सोझा राखी आ ओही लोग के वोट देबे ला कही जे भोजपुरी के...
Read More– जयंती पांडेय आजकाल लोग के ना जाने का हो गइल बा. ना केहु के भूखि लागऽता ना पियास, ना गरमी के परवाह ना लू के. जेकता के देखऽ परधानमंत्री बने के चक्कर में लागल बा. घूरहू से ले के रामचेला ले आ लस्टमानंद से ले के लंबोदर पांड़े...
Read More(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) सतरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़त रहलीं मीनू का बारे में. कि कइसे ओकरा गवनई का स्टाइल में लोग आपन आपा भुला जाव. अब ओहसे आगा पढ़ीं….. एक बेर त अजबे हो गइल. कुछ...
Read Moreबलिया के तिखमपुर में शंभुनाथ उपाध्याय का घरे भइल विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया इकाई का ओर से एगो कवि गोष्ठी भइल जवना में शिवजी पांडे रसराज, त्रिभुवन सिंह प्रीतम, शशि प्रेमदेव, डा॰ अशोक द्विवेदी, डा॰ शत्रुघ्न पांडेय, कन्हैया...
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