Tag: भोजपुरी

एक दिन बेटी खातिर तीरथ-व्रत करी लोग

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद के घर के सामने तिवारी जी के घर बा. बाबाजी गाय भैंस पोसले बाड़े आ पोता होला के आस में दूध बेच दे तारे, पोती लोग के दूध ना पियइहें. तिवराइन कहेली कि ‘का जाने कहां से ई लछमी जी लोग दउरल-दउरल चल...

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लोक कवि अब गाते नहीं – १९

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) अठरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़नी कि कइसे मीनू अपना भतार से झगड़ा क के लोक कवि के लगे रखैल बने चल अइली आ लोक कवि उनुका के ठाँव दिहलें बाकिर रखैल बनावे से मना कर दिहलें....

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पटना के रविन्द्र भवन में बिहार भोजपुरी अकादमी के पैंतीसवा सालगिरह

अतवार का दिने पटना के रविन्द्र भवन में बिहार भोजपुरी अकादमी के पैंतीसवा सालगिरह बहुते धूमधाम से मनावल गइल. एह मौका पर भइल सांस्कृतिक कार्यक्रम में मालिनी अवस्थी, भरत शर्मा व्यास, मनोज तिवारी आ मारीशस से आइल हुसीला देवी रिसॉल के...

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सावधान, कुकुरन में आदमी के गुण आवऽता

– जयंती पांडेय लस्टमानंद से उनकर एगो संहतिया गोपाल जी भेंटइले. लगले कहे, भाई हो, पहिले घर के दरवाजा पर लिखल रहत रहे ‘अतिथि देवो भव:’ लेकिन आज काल्हु घर के गेट पर लिखल रहऽता ‘ कुत्तों से सावधान.’ गोपाल जी ठीके कहले. जान...

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भोजपुरी के दसा अउर दिसा एतना जल्दी ना सुधरी महराज…..‏

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” भोजपुरी के बहुत जल्दी मिल जाई भाखा के दरजा….बहुते जानल-मानल भोजपुरिया लोग तन-मन-धन से भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता दिउवावे खातिर कमर कसि लेले बाटे लोग….सराहनीय कदम बा…काम...

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