Category: साहित्य

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 1

                जिनिगी पहाड़ हो गईल “जिनिगी पहाड़ हो गईल” डॉ. गोरखनाथ ‘मस्ताना’ के भोजपुरी कविता संग्रह हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2008 में इंद्रप्रस्थ भोजपुरी परिषद्,...

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सनेही आ लेखक लोगन से निहोरा

‘अँजोरिया’ भोजपुरी समाज, साहित्य आ संस्कृति के पत्रिका हटे. बीच में कुछ कारण से एकरा के भोजपुरिका पर डाल दीहल रहुवे बाकिर पाठकन के कमी देखत ओकरा के बन्द क देबे के फैसला मजबूरी में लेबे के पड़ल. अब फेरू सगरी सामग्री वापस अँजोरिया...

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अहजह

– नीमन सिंह बतइब हो हम का करीं….. कइसे करीं कइसे रहीं का खाई का पहिनी ? बतइब हो हम का करीं…. कहवां मूती कहवां हगीं केकरा संगे बात बिचारी बतइब हो हम का करीं….. केहू कहे हई करs केहू कहे हउ करs केहू कहे मउज...

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हे ! नाग देवता पालागी !

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आस्तीन में पलिहा  बढ़िहs मनही मन परिभाषा गढ़िहs कुछो जमइहा कबों उखरिहा गारी  सीकमभर  उचारिहs हे ! नाग देवता पालागी !   हरदम  तोसे नेह  देवता बसिहा  एही  गेह  देवता नीको नेवर बुझिया भलहीं डसिहा...

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माई अब जोखाए लगली

– रश्मि प्रियदर्शिनी अँगना-दुअरा एक कs देवेले लोग कहेला माई के गोड़िया में चकरघिन्नी बा दुअरा के बंगली से अँगना के रसोई तक चलत रहेले चलत रहेले   परिकरम करे जवन धरती आकास एक दिन उहे गोड़वा टेटाए लागल माई के उमरिया बुझाए...

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