Category: साहित्य

नीक-जबून-2

            डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी जरूरी बा भोजपुरी के स्वाभिमान से जोड़ल       ओइसे त बहुत पहिले से संविधान का आठवी अनुसूची में भोजपुरी के डलवावे के माङ भोजपुरिया करत बाड़न बाकिर एने दु-एक बरिस से त जइसे बाढ़ि आ गइल बा....

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प्रीत के गीत हरदम सुनाइले हम

– लव कान्त सिंह बा अन्हरिया कबो त अंजोरिया कबो जिनगी में घाम बा त बदरिया कबो प्रेम रोकला से रुकी ना दुनिया से अब होला गोर से भी छोट चदरिया कबो उजर धब-धब बा कपड़ा बहुत लोग के दिल के पहचान हो जाला करिया कबो मिले आजा तू बंधन...

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किताबि आ पत्रिका के परिचय – 7

भिखारी ठाकुर के भक्ति भावना में लोक मंगल के आयाम “भिखारी ठाकुर के भक्ति भावना में लोक मंगल के आयाम” रामदास राही के एगो निबंधात्मक पुस्तक हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2015 में मंगला रामेश्वरा प्रकाशन, ग्राम- सेमरिया, पो....

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आन्हर घुमची

  जयशंकर प्रसाद द्विवेदी   घेंटा मिमोरत तोड़त – जोड़त आपन –आपन गायन अपने अभिनन्दन समझवनी के बेसुरा सुर बिना साज के संगीत साधना .   झाड़ झंखाड़ से भरल उबड़ खाबड़ बंजर जमीन ओकर करेजा फारत फेरु निकसत कटइली झाड़...

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जिम्मेदारी

– रामरक्षा मिश्र विमल   जिम्मेदारी सघन बन में हेभी गाड़ी के रास्ता खुरपी आ लाठी के बल नया संसार स्वतंत्र प्रभार   जिम्मेदारी जाबल मुँह भींजल आँखि फर्ज के उपदेश आ निर्देश गोपाल के ठन ठन नपुंसक चिंतन  ...

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