भोजपुरी उपन्यास बनचरी के विमोचन
मुम्बई का विले पार्ले स्थित “नवीन भाई ठक्कर सभागार” में “अभियान” संस्था का सहयोग से आयोजित ‘सबरंग फिल्म स्टार सम्मान समारोह’ आ ‘भोजपुरी पंचायत’ वार्षिकोत्सव का अवसर प डा0 अशोक...
Read MorePosted by Editor | Aug 30, 2015 | उपन्यास, पुस्तक चर्चा, सरोकार, साहित्य |
मुम्बई का विले पार्ले स्थित “नवीन भाई ठक्कर सभागार” में “अभियान” संस्था का सहयोग से आयोजित ‘सबरंग फिल्म स्टार सम्मान समारोह’ आ ‘भोजपुरी पंचायत’ वार्षिकोत्सव का अवसर प डा0 अशोक...
Read More– डॉ० हरीन्द्र ‘हिमकर’ सीमा के पाती, बॉंची जा एह चिठ्ठी में चीख बा। दिल्लीवालन भूल ना जाईं समाचार सब ठीक बा।। धान-पान सब सूख गइल बा खेत-मजूरा चूक गइल बा। पेट-पेट में कोन्हू नाचत हियरा-हियरा हूक गइल बा। घर में...
Read More– ऋतुराज आजकल रोज हम अखबार पढ़ेनीं अखबार में आइल लेख दू-चार पढ़ेनीं। चोरी, हत्या, गरीबन के लूटल होखेला रोज कुछ बलात्कार पढ़ेनीं।। आजकल रोज हम अखबार पढ़ेनीं अखबार में आइल लेख दू-चार पढ़ेनीं। तेज हो रहल विकास पढ़ेनीं उठ रहल...
Read More– देवेन्द्र आर्य दलित विचार का बारे में राजनीतिक सोच जतने व्यावहारिक, साफ आ मकसद वाला लउकेला, साहित्यिक सोच ओतने अझुराह, भकुआइल, ठहरल आ भेड़चाल वाला बा. अम्बेडकर से लगवले कांसीराम-मायावती तक के राजनीतिक नजरिया साफ बा कि...
Read More– लाल बिहारी लाल झूके ना देब अब तिरंगा के शान लेवे भा देवे परे केतनों के जान. झूके ना देब अब तिरंगा के शान. त्याग तपस्या के ई अजब कहानी बा आन बान शान के ई परम निशानी बा जनता जनारदन के ईहे बा पहचान. झूके ना देब अब तिरंगा के...
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