Category: साहित्य

आजकल रोज हम अखबार पढ़ेनीं

– ऋतुराज आजकल रोज हम अखबार पढ़ेनीं अखबार में आइल लेख दू-चार पढ़ेनीं। चोरी, हत्या, गरीबन के लूटल होखेला रोज कुछ बलात्कार पढ़ेनीं।। आजकल रोज हम अखबार पढ़ेनीं अखबार में आइल लेख दू-चार पढ़ेनीं। तेज हो रहल विकास पढ़ेनीं उठ रहल...

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दलित-विचार : बीचो के एगो राह होला

– देवेन्द्र आर्य दलित विचार का बारे में राजनीतिक सोच जतने व्यावहारिक, साफ आ मकसद वाला लउकेला, साहित्यिक सोच ओतने अझुराह, भकुआइल, ठहरल आ भेड़चाल वाला बा. अम्बेडकर से लगवले कांसीराम-मायावती तक के राजनीतिक नजरिया साफ बा कि...

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भोजपुरी गीत : तिरंगा

– लाल बिहारी लाल झूके ना देब अब तिरंगा के शान लेवे भा देवे परे केतनों के जान. झूके ना देब अब तिरंगा के शान. त्याग तपस्या के ई अजब कहानी बा आन बान शान के ई परम निशानी बा जनता जनारदन के ईहे बा पहचान. झूके ना देब अब तिरंगा के...

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डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ के तीन गो कविता

– डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ कलाम के शत शत नमन माथ ऊँचा हो गइल दुनिया में भारतवर्ष के सफल परमाणु परीक्षण बा विषय अति हर्ष के देश का ओह सब सपूतन के बधाई आ नमन जिनका पाके आज पवलस राष्ट्र एह उत्कर्ष के. शांति...

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ह का जिन्दगी

– डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ लोर ढारत निहारत रहे राह जे, ओह अँखियन से पूछीं ह का जिन्दगी। पाके आहट जे दउड़ल दरद दाब के, ओह दिल से ई पूछीं ह का जिन्दगी।। पीड़ पिघले परनवा के जब जब पिया हिया हहरे मिलन लागी तड़पे जिया...

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